खेत बचाओ अभियान जागरूकता कार्यक्रम
देश भर में कृषि मंत्रालय भारत सरकार द्वारा “खेत बचाओ अभियान” के तहत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के निर्देशानुसार केन्द्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर, बरेली द्वारा डॉ॰ संदीप सरन, निदेशक के निर्देशन व डॉ. एम.पी सागर नोडल ऑफिसर- मेरा गाँव मेरा गौरव के नेतृत्व में आज दिनांक 02-06-2026 को ग्राम- गोपाल पुर अजीजपुर , ब्लॉक भोजीपुरा, बरेली में "शिव शक्ति जैविक एग्रो एफ पी ओ" के सहयोग से किसानों के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डा एम पी सागर प्रधान वैज्ञानिक ने किसानों को कार्यक्रम के महत्व के उद्देश्य को बताते हुए किसानों को सूचित किया कि वर्तमान उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, किसानों द्वारा 9.3:3.5:1 के अनुपात में नाइट्रोजन, फोस्फोरस व पोटाश का उपयोग विभिन्न फसलों में किया जा रहा है जबकि इन रासायनिक उर्वरकों का उपयोग 4:2:1 के अनुपात में होना चाहिये, रासायनिक खादों का अंधाधुंध उपयोग किया जा रहा है, फलस्वरूप, खेत की मिट्टी का स्वास्थ्य खराब हो गया है, उर्वरता कम हो गई है, मृदा संरचना बिगड़ गई है। खेत की मृदा को पुनः अपने पुराने शक्तिशाली स्वरूप मे लाने व उर्वराशक्ति बढ़ाने हेतु फसलों मे रासायनिक खादों का उपयोग कम करना होगा। मिट्टी की जांच उपरांत ही फसलों में संतुलित उर्वरकों का उपयोग करें क्यूंकि बिना जांच के रसायनिक उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी में असंतुलन पैदा हो रहा है। इसलिए सॉइल हैल्थ कार्ड का उपयोग कर 3 वर्षों में एक बार मिट्टी की जांच अवश्य कराये जिससे 12 से 15 मुख्य व सूक्ष्म पोषक तत्वों की जाँच की जा सकती है। नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश के प्रभावी उपयोग हेतु नैनो फर्टिलाइज़र्स का उपयोग करें। गोबर की खाद व वर्मी कम्पोस्ट का भी उपयोग वर्ष में एक बार अवश्य करे। प्रधान वैज्ञानिक डॉ दिव्या शर्मा द्वारा पॉल्ट्री बीट को फसलों में खाद के रूप मे प्रयोग करने के बारे में बताया गया। फसलों में रासायनिक खादों का उपयोग कम कर वैकल्पिक खादों के उपयोग को प्रोत्साहन दे। नैनो फर्टिलाइज़र्स का प्रयोग कर लागत कम करें । कार्यक्रम में बरेली किसान एग्रो एफ पी ओ के निदेशक श्री मुकर्रीब हुसैन, शिव शक्ति जैविक एग्रो एफ पी ओ के अध्यक्ष श्री इद्र पाल एवं निदेशकों व सदस्यों, तथा संस्थान के तकनीकी अधिकारी श्री एस आर मीना का विशेष सहयोग रहा।